गोरखपुर मंडल आयुक्त ने स्वास्थ्य एवं कानून पर कसा शिकंजा

मण्डलायुक्त जयन्त नार्लिकर ने कहा है कि स्वास्थ्य एंव कानून व्यवस्था में लापरवाही क्षम्य नही होगी तथा जो भी चिकित्साधिकारी/चिकित्सा कर्मी अपने दायित्वों के निर्वहन के प्रति लापरवाही/उदासीनता बरतते पाया गया तो उसके विरूद्ध कार्यवाही तय है। उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं में अपेक्षित प्रगति न पाये जाने पर कुशीनगर जनपद के लगभग आधा दर्जन से अधिक एम.ओ.आई.सी. का वेतन रोकने, स्पष्टीकरण, प्रतिकूल प्रविष्ट आदि की कार्यवाही करने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के अन्तर्गत स्वास्थ्य सेवाओं में अपेक्षित प्रगति नही लाई गयी तो सीएमओ की भी जिम्मेदारी सुनिश्चित की जायेगी।
उक्त निर्देश मण्डलायुक्त ने आयुक्त सभागार में आयोजित कुशीनगर जनपद की स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं की समीक्षा बैठक करते हुए दिये। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं में लक्ष्य के सापेक्ष शत प्रतिशत प्रगति न पाये जाने पर एम.ओ.आई.सी. पडरौना, मोती चक का वेतन रोकने तथा उनका स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति लापरवाही कदापि बरदाशत नही की जायेगी। इसके अतिरिक्त उन्होंने एमओआईसी कसया को प्रतिकूल प्रविष्टि तथा एमओआईसी हाटा से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश दिये।
मण्डलायुक्त ने नियमित टीकाकरण में भी अपेक्षित प्रगति न पाये जाने पर संबंधित एमओआईसी को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में जिस स्वास्थ्य केन्द्र पर प्रगति असंतोषजनक पायी गयी तो उनके प्रभारी चिकित्साधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि दी जायेगी। उन्होंने कहा कि आकड़ेबाजी के बजाये कार्य का बेहतर परिणाम दिखना चाहिए। यदि किसी कारण से योजना के क्रियान्वयन में कठिनाई आती है तो उसे संज्ञान में लाया जाये ताकि उसका निराकरण कराया जा सके।
आयुक्त ने टी0बी0 की समीक्षा के दौरान कहा कि बेहतर प्रगति न पाये जाने पर डी.टी.ओ. कुशीनगर से स्पष्टीकरण प्राप्त करने के निर्देश ए.डी. हेल्थ को देते हुए कहा कि नो वर्क नो पे का सिद्धान्त लागू हो। उन्होंने कहा कि यदि डी.टी.ओ. का स्पष्टीकरण संतोषजनक नही पाया गया तो इनके वेतन रोकने की कार्यवाही की जायेगी। इसके अतिरिक्त उन्होंने डी.पी.एम. फाजिलनगर का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने एंव संबंधित एम.ओ.आई.सी. को चेतावनी निर्गत करने के निर्देश दिये। उन्होंने आशा का भुगतान शत प्रतिशत समय से करने के निर्देश देते हुए कहा कि आशा स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी होती है, इनके भुगतान में विलम्ब न किया जाये।
आयुष्मान भारत की समीक्षा के दौरान बताया गया कि जनपद कुशीनगर में  गोल्डेन कार्ड का लक्ष्य 2 लाख 29 हजार के सापेक्ष 50 प्रतिशत वितरण सुनिश्चित हुआ है। मण्डलायुक्त ने इस खराब प्रगति पर कड़ी नाराजगी प्रकट करते हुए सीएमओ को निर्देश दिये कि यह उनकी व्यक्गित जिम्मेदारी है और शीघ्रातिशीघ्र निर्धारित लक्ष्य पूर्ण करें। हेल्थ एण्ड वेलनेस सेन्टर के अपग्रेडेशन कार्य में प्रगति खराब पाये जाने पर आयुक्त ने कार्यदायी संस्था आर.ई.एस. को निर्देश दिये कि वे शीघ्र कार्य में प्रगति लायें। उन्होंने कहा कि सीएमओ यह सुनिश्चित करें कि किसी का भुगतान अकारण रूकना नही चाहिए। अकारण भुगतान लंबित रखना बेहद आपत्तिजनक है। आयुक्त ने कहा कि कोई सब सेन्टर बन्द नही रहने चाहिए सभी स्वास्थ्य केन्द्र पर चिकित्सक की तैनाती, दवाओं की उपलब्धता साफ सफाई आदि बेहतर होने चाहिए।
बैठक में सीडीओ कुशीनगर, जेडीसी, ए.डी. हेल्थ, सीएमओ, एम.ओ.आई.सी. आदि उपस्थित रहे।


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